Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.151.d15: देवि! इसके बाद बताया गया कि राजा को अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त करनी चाहिए। इंद्रियों को वश में न रखने से जो महान दोष लगता है, वह राजा को नीचे गिरा देता है। | mahabharat अध्याय 13.151: राजधर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवि! इसके बाद बताया गया कि राजा को अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त करनी चाहिए। इंद्रियों को वश में न रखने से जो महान दोष लगता है, वह राजा को नीचे गिरा देता है।
Devi! After this, it was told that the king should conquer his senses. The great fault that is incurred by not keeping the senses under control brings down the king.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥