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श्लोक 13.151.d1  |
उमोवाच
देवदेव नमस्तुभ्यं त्रियक्ष वृषभध्वज।
श्रुतं मे भगवन् सर्वं त्वत्प्रसादान्महेश्वर॥ |
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| अनुवाद |
| उमान ने कहा - भगवन्! त्रिलोचन! वृषभध्वज! प्रभु! महेश्वर! आपकी कृपा से मैंने उपरोक्त सब बातें सुन लीं। |
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| Uman said – God! Trilochan! Taurus flag! Lord! Maheshwar! By your grace I have heard all the above mentioned matters. |
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