vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 151: राजधर्मका वर्णन
»
श्लोक d1
श्लोक
13.151.d1
उमोवाच
देवदेव नमस्तुभ्यं त्रियक्ष वृषभध्वज।
श्रुतं मे भगवन् सर्वं त्वत्प्रसादान्महेश्वर॥
अनुवाद
उमान ने कहा - भगवन्! त्रिलोचन! वृषभध्वज! प्रभु! महेश्वर! आपकी कृपा से मैंने उपरोक्त सब बातें सुन लीं।
Uman said – God! Trilochan! Taurus flag! Lord! Maheshwar! By your grace I have heard all the above mentioned matters.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×