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mahabharat 13.150.9: देवी! केवल दानशील मनुष्य ही ऐसे महान सौभाग्य से युक्त होते हैं। पूर्वकाल में ब्रह्माजी ने इनका वर्णन इस प्रकार किया है। दानशील मनुष्य सभी को प्रिय होते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.150.9 
एते देवि महाभागा: प्राणिनो दानशीलिन:।
ब्रह्मणा वै पुरा प्रोक्ता: सर्वस्य प्रियदर्शना:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
देवी! केवल दानशील मनुष्य ही ऐसे महान सौभाग्य से युक्त होते हैं। पूर्वकाल में ब्रह्माजी ने इनका वर्णन इस प्रकार किया है। दानशील मनुष्य सभी को प्रिय होते हैं।
 
Devi! Only these charitable people are blessed with such great fortune. In the past, Brahmaji has described them in this manner. The charitable people are loved by everyone.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)