श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  13.150.7 
तस्मात् स्वर्गाच्च्युतो लोकान् मानुषेषु प्रजायते।
महाभोगकुले देवि धनधान्यसमन्वित:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
देवी! फिर वह स्वर्ग से उतरकर मनुष्य योनि में महान सुखों से युक्त तथा धन-धान्य से युक्त कुल में जन्म लेता है॥7॥
 
Goddess! Then, after coming down from heaven, he takes birth in the human race in a family full of great pleasures and is endowed with wealth and grains. 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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