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mahabharat 13.150.53: जो लोग पशुओं की हत्या करवाते हैं, गुरु की शय्या पर सोते हैं तथा वर्ण-विजातीय स्त्रियों के साथ समागम करते हैं, वे नपुंसक हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.150.53 
पशूंश्च ये घातयन्ति ये चैव गुरुतल्पगा:।
प्रकीर्णमैथुना ये च क्लीबा जायन्ति ते नरा:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
जो लोग पशुओं की हत्या करवाते हैं, गुरु की शय्या पर सोते हैं तथा वर्ण-विजातीय स्त्रियों के साथ समागम करते हैं, वे नपुंसक हैं।
 
Those who cause animals to be killed, sleep on the bed of their Guru and have intercourse with women of mixed castes, are impotent men. 53.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)