श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  13.150.45 
अल्पप्रज्ञो विरूपाक्ष कथं भवति मानव:।
एतन्मे संशयं छिन्धि सर्वधर्मविदां वर॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
विरुपाक्ष! मनुष्य मंदबुद्धि कैसे हो जाता है? महादेव समस्त धर्मात्माओं में श्रेष्ठ हैं! कृपया मेरे इस संदेह का निवारण करें॥45॥
 
Virupaksha! How does a person become retarded? Mahadev is the best among all the religious people! Please clear this doubt of mine. 45॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd