श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  13.150.43 
उमोवाच
इमे मनुष्या दृश्यन्ते ऊहापोहविशारदा:।
ज्ञानविज्ञानसम्पन्ना: प्रज्ञावन्तोऽर्थकोविदा:॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
पार्वतीजी ने पूछा - प्रभु ! इन लोगों में हममें से कुछ लोग कुशल, ज्ञान-विज्ञान से युक्त, बुद्धिमान और अर्थ-सम्पन्न दिखाई देते हैं ॥43॥
 
Parvatiji asked – Lord! Among these people, some of us are seen to be skilled, full of knowledge and science, intelligent and financially adept. 43॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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