vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन
»
श्लोक 43
श्लोक
13.150.43
उमोवाच
इमे मनुष्या दृश्यन्ते ऊहापोहविशारदा:।
ज्ञानविज्ञानसम्पन्ना: प्रज्ञावन्तोऽर्थकोविदा:॥ ४३॥
अनुवाद
पार्वतीजी ने पूछा - प्रभु ! इन लोगों में हममें से कुछ लोग कुशल, ज्ञान-विज्ञान से युक्त, बुद्धिमान और अर्थ-सम्पन्न दिखाई देते हैं ॥43॥
Parvatiji asked – Lord! Among these people, some of us are seen to be skilled, full of knowledge and science, intelligent and financially adept. 43॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd