Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.150.32-34: अच्छा! जिसका आचरण क्रूरता से भरा है, जो समस्त जीवों को भयभीत करता है, जो हाथ, पैर, रस्सी, लाठी और पत्थरों से मारकर, खंभों से बांधकर तथा घातक शस्त्रों से प्रहार करके जीवों को कष्ट देता है, जो छल-कपट में निपुण होकर जीवों में हिंसा के लिए उत्तेजना उत्पन्न करता है तथा उत्तेजित होकर सदैव जीवों पर आक्रमण करता है, ऐसे स्वभाव और आचरण वाले मनुष्य को नरक में गिरना पड़ता है। | mahabharat अध्याय 13.150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अच्छा! जिसका आचरण क्रूरता से भरा है, जो समस्त जीवों को भयभीत करता है, जो हाथ, पैर, रस्सी, लाठी और पत्थरों से मारकर, खंभों से बांधकर तथा घातक शस्त्रों से प्रहार करके जीवों को कष्ट देता है, जो छल-कपट में निपुण होकर जीवों में हिंसा के लिए उत्तेजना उत्पन्न करता है तथा उत्तेजित होकर सदैव जीवों पर आक्रमण करता है, ऐसे स्वभाव और आचरण वाले मनुष्य को नरक में गिरना पड़ता है।
Good! A person whose conduct is full of cruelty, who frightens all living beings, who tortures living beings by hitting them with hands, feet, ropes, sticks and stones, tying them to pillars and attacking them with deadly weapons, who, being adept in deceit and fraud, creates agitation in living beings for violence and, being agitated, always attacks living beings, a person with such nature and conduct has to fall into hell.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥