Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.150.20-21: गुरु के आने पर वे प्रेमपूर्वक उनकी पूजा नहीं करते - गुरु के रूप में उनका आदर नहीं करना चाहते, अहंकार और लोभ के वशीभूत होकर आदरणीय लोगों का अपमान करते हैं और बड़ों का अनादर करते हैं। हे देवी! ऐसा करने वाले सभी मनुष्य नरक में जाते हैं। 20-21॥ | mahabharat अध्याय 13.150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गुरु के आने पर वे प्रेमपूर्वक उनकी पूजा नहीं करते - गुरु के रूप में उनका आदर नहीं करना चाहते, अहंकार और लोभ के वशीभूत होकर आदरणीय लोगों का अपमान करते हैं और बड़ों का अनादर करते हैं। हे देवी! ऐसा करने वाले सभी मनुष्य नरक में जाते हैं। 20-21॥
When the Guru comes, they do not worship him lovingly – they do not want to respect him as a Guru, being influenced by pride and greed, they insult respectable people and disrespect the elders. Goddess! All people who do this go to hell. 20-21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥