श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  13.150.18 
मार्गार्हस्य च ये मार्गं न यच्छन्त्यल्पबुद्धय:।
पाद्यार्हस्य च ये पाद्यं न ददत्यल्पबुद्धय:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
वे मूर्ख या मंदबुद्धि पुरुष मार्ग देने के योग्य पुरुषों को मार्ग नहीं देते और पाद्य देने योग्य पूजनीय पुरुषों को पाद्य (पैर धोने के लिए जल) नहीं देते ॥18॥
 
Those unintelligent or dim-witted men do not give way to the men who are capable of giving way and do not give padya (water for washing feet) to the worshipable men who are worthy of offering padya. 18॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd