श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  13.150.14 
ते वै मनुष्यतां यान्ति यदा कालस्य पर्ययात्।
धनरिक्ते कुले जन्म लभन्ते स्वल्पबुद्धय:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
यदि कालचक्र के घूमने से वे मंदबुद्धि मनुष्य पुनः मनुष्य योनि में जन्म लेते हैं, तो वे दरिद्र कुल में ही जन्म लेते हैं ॥14॥
 
If, through the turn of the wheel of time, those dim-witted people are born again as humans, they are born in poor families only. ॥14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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