श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 150: स्वर्ग और नरक तथा उत्तम और अधम कुलमें जन्मकी प्राप्ति करानेवाले कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  13.150.1 
उमोवाच
किंशील: किंसमाचार: पुरुष: कैश्च कर्मभि:।
स्वर्गं समभिपद्येत सम्प्रदानेन केन वा॥ १॥
 
 
अनुवाद
पार्वती ने पूछा- प्रभु! किस प्रकार के आचार, आचरण और कर्म से मनुष्य स्वर्ग को प्राप्त होता है अथवा किस दान से स्वर्ग जाता है?॥1॥
 
Parvati asked-Lord! With what kind of morality, what kind of conduct and what deeds does a man achieve or by what donation does he go to heaven? 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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