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श्लोक 13.150.1  |
उमोवाच
किंशील: किंसमाचार: पुरुष: कैश्च कर्मभि:।
स्वर्गं समभिपद्येत सम्प्रदानेन केन वा॥ १॥ |
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| अनुवाद |
| पार्वती ने पूछा- प्रभु! किस प्रकार के आचार, आचरण और कर्म से मनुष्य स्वर्ग को प्राप्त होता है अथवा किस दान से स्वर्ग जाता है?॥1॥ |
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| Parvati asked-Lord! With what kind of morality, what kind of conduct and what deeds does a man achieve or by what donation does he go to heaven? 1॥ |
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