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mahabharat 13.15.83: भगवान ने उसे यह भी आशीर्वाद दिया कि ‘तुम मेरे निरंतर सहयोगी बनोगे।’ इसके साथ ही भगवान ने उसे एक करोड़ पुत्रों का भी आशीर्वाद दिया।   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  13.15.83 
ममैवानुचरो नित्यं भवितासीति चाब्रवीत्।
तथा पुत्रसहस्राणामयुतं च ददौ प्रभु:॥ ८३॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने उसे यह भी आशीर्वाद दिया कि ‘तुम मेरे निरंतर सहयोगी बनोगे।’ इसके साथ ही भगवान ने उसे एक करोड़ पुत्रों का भी आशीर्वाद दिया।
 
The Lord also blessed him that 'You will become my constant associate'. Along with that the Lord also blessed him with one crore (10 million) sons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)