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mahabharat 13.15.74: उनका श्रेष्ठ पुत्र मन्दार नाम से प्रसिद्ध हुआ, जो महादेवजी से राज्य प्राप्त करके बहुत वर्षों तक इन्द्र के साथ युद्ध करता रहा ॥74॥   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  13.15.74 
तस्यैव पुत्रप्रवरो मन्दारो नाम विश्रुत:।
महादेववराच्छक्रं वर्षार्बुदमयोधयत्॥ ७४॥
 
 
अनुवाद
उनका श्रेष्ठ पुत्र मन्दार नाम से प्रसिद्ध हुआ, जो महादेवजी से राज्य प्राप्त करके बहुत वर्षों तक इन्द्र के साथ युद्ध करता रहा ॥74॥
 
His best son became famous by the name Mandar, who continued to fight with Indra for many years after inheriting from Mahadevji. 74॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)