Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.393: बहुत से योगीश्वर, ब्रह्मर्षि अपने पुत्रों और देवर्षियों सहित भी योग, पिता और गुरु की सिद्धि देने वाले महादेवजी की स्तुति करते थे ॥393॥ | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत से योगीश्वर, ब्रह्मर्षि अपने पुत्रों और देवर्षियों सहित भी योग, पिता और गुरु की सिद्धि देने वाले महादेवजी की स्तुति करते थे ॥393॥
Many Yogiswars, Brahmarishis along with their sons and Devarshis also used to praise Mahadevji, the one who grants attainment of Yoga, father and guru. 393॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥