Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.15.370: ‘महान् ऋषिवर! क्या दयालु भगवान शिव मेरे सामने इस प्रकार प्रकट होंगे? क्या वे मुझ पर भी अपनी कृपा बरसाएँगे?’   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन  »  श्लोक 370
 
 
श्लोक  13.15.370 
अपि तावन्ममाप्येवं दद्यात् स भगवान‍् शिव:।
दर्शनं मुनिशार्दूल प्रसादं चापि शंकर:॥ ३७०॥
 
 
अनुवाद
‘महान् ऋषिवर! क्या दयालु भगवान शिव मेरे सामने इस प्रकार प्रकट होंगे? क्या वे मुझ पर भी अपनी कृपा बरसाएँगे?’
 
‘Great sage! Will the benevolent Lord Shiva appear before me in this manner? Will he shower his blessings on me as well?’
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)