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श्लोक 13.15.367  |
सर्वमेतन्महाबाहो दिव्यभावसमन्वितम्।
प्रसादाद् देवदेवस्य ईश्वरस्य महात्मन:॥ ३६७॥ |
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| अनुवाद |
| महाबाहो! देवाधिदेव और सबके स्वामी महात्मा शिव की कृपा से ही यहाँ सब कुछ दिव्य रीति से सम्पन्न होता हुआ प्रतीत होता है ॥367॥ |
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| Mahabaho! It is only by the grace of Mahatma Shiva, the god of gods and the Lord of all, that everything here appears to be accomplished in a divine manner. ॥ 367॥ |
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