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mahabharat 13.15.365: श्री कृष्ण! ये सब आप सीधे देख सकते हैं. यहां सिद्ध महर्षि, विद्याधर, यक्ष, गंधर्व और अप्सराएं मौजूद हैं। 365.   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.15.365 
प्रत्यक्षं चैव ते कृष्ण पश्य सिद्धान् व्यवस्थितान्।
ऋषीन् विद्याधरान् यक्षान् गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥ ३६५॥
 
 
अनुवाद
श्री कृष्ण! ये सब आप सीधे देख सकते हैं. यहां सिद्ध महर्षि, विद्याधर, यक्ष, गंधर्व और अप्सराएं मौजूद हैं। 365.
 
Sri Krishna! You can see all this directly. Siddha Maharshis, Vidyadhars, Yakshas, ​​Gandharvas and Apsaras are present here. 365.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)