Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.364: श्री कृष्ण! इस प्रकार ध्यान के द्वारा मुझे परब्रह्म भगवान शंकर का प्रत्यक्ष दर्शन हुआ। बुद्धिमान महादेवजी ने जो कुछ कहा था, वह सब मुझे प्राप्त हो गया है॥364॥ | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं दृष्टो मया कृष्ण देवदेव: समाधिना।
तदवाप्तं च मे सर्वं यदुक्तं तेन धीमता॥ ३६४॥
अनुवाद
श्री कृष्ण! इस प्रकार ध्यान के द्वारा मुझे परब्रह्म भगवान शंकर का प्रत्यक्ष दर्शन हुआ। बुद्धिमान महादेवजी ने जो कुछ कहा था, वह सब मुझे प्राप्त हो गया है॥364॥
Sri Krishna! In this way, through meditation, I got a direct vision of the Supreme God, Lord Shankar. Whatever the wise Mahadevji had said, I have received it all. ॥ 364॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥