Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.15.35: देवी जाम्बवती की प्रेरणा से मैंने उस सुन्दरी से कहा - 'महारानी! मुझे जाने की अनुमति दीजिए। मैं आपकी प्रार्थना पूरी करूँगा।'   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  13.15.35 
इत्येवं चोदितो देव्या तामवोचं सुमध्यमाम्।
अनुजानीहि मां राज्ञि करिष्ये वचनं तव॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
देवी जाम्बवती की प्रेरणा से मैंने उस सुन्दरी से कहा - 'महारानी! मुझे जाने की अनुमति दीजिए। मैं आपकी प्रार्थना पूरी करूँगा।'
 
Upon Devi Jambavati's inspiration, I said to that beautiful lady - 'Queen! Please allow me to go. I will fulfill your request.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)