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श्लोक 13.15.347  |
योऽसृजद् दक्षिणादङ्गाद् ब्रह्माणं लोकसम्भवम्।
वामपार्श्वात् तथा विष्णुं लोकरक्षार्थमीश्वर:॥ ३४७॥ |
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| अनुवाद |
| ‘इन जगदीश्वर ने अपने दाहिने हाथ से जगत् के रचयिता ब्रह्मा को और बायें हाथ से जगत् की रक्षा के लिए विष्णु को उत्पन्न किया है ॥347॥ |
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| ‘This Jagdishwar has created Brahma, the creator of the world, from his right hand and Vishnu for the protection of the world from his left hand. 347॥ |
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