Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.344: जिनको देवता भी आसानी से नहीं देख सकते, उन महाबली महादेवजी का मैंने प्रत्यक्ष दर्शन किया है; अतः मुझसे बढ़कर धन्यवाद का पात्र और कौन हो सकता है ?॥344॥ | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिनको देवता भी आसानी से नहीं देख सकते, उन महाबली महादेवजी का मैंने प्रत्यक्ष दर्शन किया है; अतः मुझसे बढ़कर धन्यवाद का पात्र और कौन हो सकता है ?॥344॥
I have had a direct vision of that mighty Mahadevji, whom even the gods cannot see easily; therefore who else can be more deserving of thanks than me?॥ 344॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥