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mahabharat 13.15.343: हे प्रभु! आज मैंने सचमुच जन्म लिया है। आज मेरा जन्म सफल हो गया, क्योंकि इस समय आप, देवताओं और दानवों के गुरु, स्वयं महादेवजी, मेरे सामने खड़े हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.15.343 
अद्य जातो ह्यहं देव सफलं जन्म चाद्य मे।
सुरासुरगुरुर्देवो यत् तिष्ठति ममाग्रत:॥ ३४३॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! आज मैंने सचमुच जन्म लिया है। आज मेरा जन्म सफल हो गया, क्योंकि इस समय आप, देवताओं और दानवों के गुरु, स्वयं महादेवजी, मेरे सामने खड़े हैं।
 
‘O Lord! Today I have actually taken birth. Today my birth has become fruitful because at this moment you, the Guru of the Gods and the demons, Mahadevji himself, are standing in front of me. 343.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)