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mahabharat 13.15.339: भगवान शिव ने कहा- पुत्र उपमन्यो! मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ। महामुनि! तुम मेरी ओर देखो। हे ब्रह्मर्षि! तुम्हारी मुझमें दृढ़ भक्ति है। मैंने तुम्हारी परीक्षा ली है।   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.15.339 
श्रीभगवानुवाच
वत्सोपमन्यो तुष्टोऽस्मि पश्य मां मुनिपुङ्गव।
दृढभक्तोऽसि विप्रर्षे मया जिज्ञासितो ह्यसि॥ ३३९॥
 
 
अनुवाद
भगवान शिव ने कहा- पुत्र उपमन्यो! मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ। महामुनि! तुम मेरी ओर देखो। हे ब्रह्मर्षि! तुम्हारी मुझमें दृढ़ भक्ति है। मैंने तुम्हारी परीक्षा ली है।
 
Lord Shiva said-Son Upmanyo! I am very pleased with you. Great sage! You look at me. O Brahmarshi! You have a strong devotion towards me. I have tested you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)