श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन  »  श्लोक 323
 
 
श्लोक  13.15.323 
सामवेदश्च वेदानां यजुषां शतरुद्रियम्।
सनत्कुमारो योगानां सांख्यानां कपिलो ह्यसि॥ ३२३॥
 
 
अनुवाद
आप वेदों में सामवेद, यजुर्वेद के मन्त्रों में शतरुद्रिय, योगियों में सनत्कुमार तथा सांख्य विशेषज्ञों में कपिल हैं।
 
You are the Samveda among the Vedas, Shatarudriya among the mantras of the Yajurveda, Sanatkumara among the Yogis and Kapil among the Sankhya experts.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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