श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन  »  श्लोक 319
 
 
श्लोक  13.15.319 
गृहस्थस्त्वमाश्रमिणामीश्वराणां महेश्वर:।
कुबेर: सर्वयक्षाणां क्रतूनां विष्णुरुच्यते॥ ३१९॥
 
 
अनुवाद
आप आश्रमवासियों में गृहस्थ, देवताओं में महेश्वर, समस्त यक्षों में कुबेर और यज्ञों में विष्णु नाम से प्रसिद्ध हैं ॥319॥
 
You are known as a householder among the ashramites, Maheshwar among the gods, Kubera among all the Yakshas and Vishnu among the sacrifices. ॥ 319॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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