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mahabharat 13.15.318: आप समस्त प्राणियों में आत्मा और सांख्यशास्त्र में पुरुष कहे गए हैं। आप पवित्रों में ऋषि और योगियों में शिवस्वरूप हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन  »  श्लोक 318
 
 
श्लोक  13.15.318 
आत्मा च सर्वभूतानां सांख्ये पुरुष उच्यते।
ऋषभस्त्वं पवित्राणां योगिनां निष्कल: शिव:॥ ३१८॥
 
 
अनुवाद
आप समस्त प्राणियों में आत्मा और सांख्यशास्त्र में पुरुष कहे गए हैं। आप पवित्रों में ऋषि और योगियों में शिवस्वरूप हैं।
 
You are called the soul among all living beings and the man in the Sankhya Shastra. You are the sage among the pure and the pure form of Shiva among the Yogis.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)