Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.281-282h: समस्त भूतगण और नाना प्रकार की मातृकाएँ वहाँ उपस्थित थीं। वे सभी देवतागण महान महादेव को चारों ओर से घेरे हुए थे और नाना प्रकार के स्तोत्रों से उनकी स्तुति कर रहे थे। | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समस्त भूतगण और नाना प्रकार की मातृकाएँ वहाँ उपस्थित थीं। वे सभी देवतागण महान महादेव को चारों ओर से घेरे हुए थे और नाना प्रकार के स्तोत्रों से उनकी स्तुति कर रहे थे।
All the ghosts and various types of Matrikas were present. All those deities surrounded the great Mahadev from all sides and were praising him with various types of hymns. 281 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥