Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.28-29: युधिष्ठिर! प्राचीन काल में जब बुद्धिमान रुक्मिणीनन्दन प्रद्युम्न द्वारा शम्बरासुर का वध हो गया और वह द्वारका में आया, तब बारह वर्ष पश्चात रुक्मिणी के पुत्रों प्रद्युम्न, चारुदेष्ण आदि को देखकर पुत्र प्राप्ति की इच्छा से जाम्बवती मेरे पास आई और इस प्रकार बोली - 28-29॥ | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर! प्राचीन काल में जब बुद्धिमान रुक्मिणीनन्दन प्रद्युम्न द्वारा शम्बरासुर का वध हो गया और वह द्वारका में आया, तब बारह वर्ष पश्चात रुक्मिणी के पुत्रों प्रद्युम्न, चारुदेष्ण आदि को देखकर पुत्र प्राप्ति की इच्छा से जाम्बवती मेरे पास आई और इस प्रकार बोली - 28-29॥
Yudhisthira! In ancient times, when Shambarasur was killed by the wise Rukmininandan Pradyumna and he came to Dwaraka, twelve years later, after seeing Rukmini's sons Pradyumna, Charudeshna etc., Jambavati, desirous of having a son, came to me and said thus - 28-29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥