Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.273: गोविन्द! अनायास ही महान् कर्म करने वाले जमदग्निपुत्र परशुराम ने एक ही फरसे से इक्कीस बार इस पृथ्वी को क्षत्रियविहीन कर दिया था। | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गोविन्द! अनायास ही महान् कर्म करने वाले जमदग्निपुत्र परशुराम ने एक ही फरसे से इक्कीस बार इस पृथ्वी को क्षत्रियविहीन कर दिया था।
Govind! Jamadagni's son Parashurama, who performed great deeds without any effort, had made this earth devoid of Kshatriyas twenty-one times with the same axe.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥