Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.271-272: पूर्वकाल में महादेव ने जिस तीक्ष्ण फरसे से प्रसन्न होकर परशुरामजी को दान दिया था और जिससे महायुद्ध में सम्राट कार्तवीर्य अर्जुन मारे गये थे, वह क्षत्रियों का संहार करने वाला फरसा भगवान रुद्र के पास मुझे प्रकट हुआ था। | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पूर्वकाल में महादेव ने जिस तीक्ष्ण फरसे से प्रसन्न होकर परशुरामजी को दान दिया था और जिससे महायुद्ध में सम्राट कार्तवीर्य अर्जुन मारे गये थे, वह क्षत्रियों का संहार करने वाला फरसा भगवान रुद्र के पास मुझे प्रकट हुआ था।
In the past, the sharp axe that Mahadeva had donated to Parashurama after being pleased with him and with which the emperor Kartavirya Arjuna was killed in the great war, that destroyer of kshatriyas, had appeared to me near Lord Rudra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥