Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.244-245h: उस नन्दिकेश्वर मन्दिर में, जो हिमालय की चोटी या श्वेत बादलों के विशाल समूह के समान प्रतीत होता था, परमेष्ठ देव भगवान महादेव, देवी उमा के साथ, पूर्ण चन्द्रमा के समान शोभा पा रहे थे। | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस नन्दिकेश्वर मन्दिर में, जो हिमालय की चोटी या श्वेत बादलों के विशाल समूह के समान प्रतीत होता था, परमेष्ठ देव भगवान महादेव, देवी उमा के साथ, पूर्ण चन्द्रमा के समान शोभा पा रहे थे।
On that Nandikeshwar temple which appeared like the peak of the Himalayas or a huge mass of white clouds, the Supreme God, Lord Mahadeva, along with Goddess Uma, was looking beautiful like the full moon. 244 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥