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जाम्बूनदेन दाम्ना च सर्वत: समलंकृतम्।
सुवक्त्रखुरनासं च सुकर्णं सुकटीतटम्॥ २४२॥
अनुवाद
उनका सम्पूर्ण शरीर जम्बुण्ड नामक स्वर्णिम धागों से सुशोभित था। उनका मुख, खुर, नासिका, कान और कटि प्रदेश- सभी अत्यन्त सुन्दर थे।
His body was decorated all over with golden strings called Jambunda. His face, hooves, nose (nostrils), ears and waist region – all were very beautiful. 242.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥