Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.220: तीनों लोकों में जिनका स्थान पूज्य और अचल कहा गया है। भगवान शंकर के अतिरिक्त और कौन वृष्टि करता है? कौन जलता है? और कौन अपने तेज से प्रज्वलित होता है?॥ 220॥ | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तीनों लोकों में जिनका स्थान पूज्य और अचल कहा गया है। भगवान शंकर के अतिरिक्त और कौन वृष्टि करता है? कौन जलता है? और कौन अपने तेज से प्रज्वलित होता है?॥ 220॥
Whose place is said to be worshipped and immovable in all the three worlds. Who else apart from Lord Shankar brings rain? Who burns? And who is ignited by his own brilliance?॥ 220॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥