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mahabharat 13.15.218: हे इन्द्र! मुझे बताओ, देवता किसकी उत्तम स्थिति की प्रशंसा करते हैं? श्मशान में किसके क्रीड़ा के लिए स्थान निर्धारित किया गया है? और तांडव नृत्य में किसे सर्वश्रेष्ठ कहा गया है?   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन  »  श्लोक 218
 
 
श्लोक  13.15.218 
ब्रूहीन्द्र परमं स्थानं कस्य देवै: प्रशस्यते।
श्मशाने कस्य क्रीडार्थं नृत्ते वा कोऽभिभाष्यते॥ २१८॥
 
 
अनुवाद
हे इन्द्र! मुझे बताओ, देवता किसकी उत्तम स्थिति की प्रशंसा करते हैं? श्मशान में किसके क्रीड़ा के लिए स्थान निर्धारित किया गया है? और तांडव नृत्य में किसे सर्वश्रेष्ठ कहा गया है?
 
Indra! Tell me, whose excellent position is praised by the gods? For whose sport has a place been reserved in the cremation ground? And who is said to be supreme in the Tandava dance?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)