श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन  »  श्लोक 217
 
 
श्लोक  13.15.217 
दिग्वासा: कीर्त्यते कोऽन्यो लोके कश्चोर्ध्वरेतस:।
कस्य चार्धे स्थिता कान्ता अनङ्ग: केन निर्जित:॥ २१७॥
 
 
अनुवाद
और किसे दिगंबर कहा जाता है? संसार में और कौन उर्ध्वरेता है? किसके आधे शरीर में उसकी पत्नी निवास करती है और किसने कामदेव को पराजित किया है?
 
Who else is called Digambara? Who else in the world is Urdhvareta? In whose half body does his wife reside and who has defeated Kaamdev?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)