Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.211-212h: देवराज! भूलोक से लेकर महर्लोक तक, सम्पूर्ण लोकों में, पर्वतों के मध्य में, सम्पूर्ण द्वीप स्थानों में, मेरु पर्वत के वैभवशाली प्रदेशों में, सर्वत्र विद्वान् पुरुष महादेवजी की स्थिति का वर्णन करते हैं। 211 1/2॥ | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवराज! भूलोक से लेकर महर्लोक तक, सम्पूर्ण लोकों में, पर्वतों के मध्य में, सम्पूर्ण द्वीप स्थानों में, मेरु पर्वत के वैभवशाली प्रदेशों में, सर्वत्र विद्वान् पुरुष महादेवजी की स्थिति का वर्णन करते हैं। 211 1/2॥
Lord Devraj! From Bhuloka to Maharloka, in all the different worlds, in the middle of the mountains, in all the island places, in the glorious provinces of Mount Meru, everywhere the wise men tell about the position of Mahadevji. 211 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥