Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.206: दिशा, काल, सूर्य, अग्नि, अन्य ग्रह, वायु, चन्द्रमा और नक्षत्र - ये महादेवजी की कृपा से ही इतने प्रभावशाली हो गए हैं। आप यह जानते हैं, अतः मुझे बताइए कि भगवान महादेवजी के अतिरिक्त और कौन ऐसी अचिन्त्य शक्ति से युक्त है? 206॥ | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दिशा, काल, सूर्य, अग्नि, अन्य ग्रह, वायु, चन्द्रमा और नक्षत्र - ये महादेवजी की कृपा से ही इतने प्रभावशाली हो गए हैं। आप यह जानते हैं, अतः मुझे बताइए कि भगवान महादेवजी के अतिरिक्त और कौन ऐसी अचिन्त्य शक्ति से युक्त है? 206॥
Direction, time, sun, fire, other planets, air, moon and constellations – these have become so effective only by the grace of Mahadevji. You know this, so tell me, who else other than God Mahadevji is endowed with such inconceivable power? 206॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥