| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन » श्लोक 140 |
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| | | | श्लोक 13.15.140  | अम्बोवाच
ब्रह्मविष्णुसुरेन्द्राणां रुद्रादित्याश्विनामपि।
विश्वेषामपि देवानां वपुर्धारयते भव:॥ १४०॥ | | | | | | अनुवाद | | ऐसा कहकर माता ने पुनः कहा - भगवान शिव ब्रह्मा, विष्णु, इन्द्र, रुद्र, आदित्य, अश्विनी कुमार तथा सम्पूर्ण देवताओं का शरीर धारण करते हैं ॥140॥ | | | | Saying this, the mother again said – Lord Shiva assumes the body of Brahma, Vishnu, Indra, Rudra, Aditya, Ashwini Kumar and all the gods. 140॥ | | ✨ ai-generated | | |
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