Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.138-139: पुत्र! देवताओं द्वारा ब्राह्मणों पर कृपा करने के लिए उसने जो नाना प्रकार के रूप धारण किए हैं, उन्हें संक्षेप में सुनो। पुत्र! जो कुछ तुम मुझसे पूछ रहे हो, वह सब मैं तुम्हें बताता हूँ। 138-139। | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुत्र! देवताओं द्वारा ब्राह्मणों पर कृपा करने के लिए उसने जो नाना प्रकार के रूप धारण किए हैं, उन्हें संक्षेप में सुनो। पुत्र! जो कुछ तुम मुझसे पूछ रहे हो, वह सब मैं तुम्हें बताता हूँ। 138-139।
Son! Listen briefly to the various forms that he has taken as told by the gods to bestow favours on the Brahmins. Son! I will tell you all the things that you are asking me. 138-139.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥