Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.125-126: बेटा! यहाँ सुरभि गायकी के कोई संतान नहीं है, इसलिए इस वन में दूध का सर्वथा अभाव है। भगवान शंकर ही हम ऋषियों और मुनियों के परम आश्रय हैं, जो नदियों, गुफाओं, पर्वतों और नाना प्रकार के तीर्थों में तप और जप में लगे रहते हैं।' 125-126 | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बेटा! यहाँ सुरभि गायकी के कोई संतान नहीं है, इसलिए इस वन में दूध का सर्वथा अभाव है। भगवान शंकर ही हम ऋषियों और मुनियों के परम आश्रय हैं, जो नदियों, गुफाओं, पर्वतों और नाना प्रकार के तीर्थों में तप और जप में लगे रहते हैं।' 125-126
‘Son! Surbhi Gayaki has no children here, therefore there is a complete lack of milk in this forest. Lord Shankar is the ultimate refuge of us sages and saints who remain engaged in penance and chanting in rivers, caves, mountains and various types of pilgrimages. 125-126.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥