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mahabharat 13.15.1: युधिष्ठिर बोले, 'गंगानंदन! जगत के स्वामी, कल्याणकारी भगवान शिव के जो भी नाम आपने ब्रह्माजी से सुने हैं, उन्हें कृपया यहाँ कहिए।   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.15.1 
युधिष्ठिर उवाच
त्वयाऽऽपगेन नामानि श्रुतानीह जगत‍्पते:।
पितामहेशाय विभो नामान्याचक्ष्व शम्भवे॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले, 'गंगानंदन! जगत के स्वामी, कल्याणकारी भगवान शिव के जो भी नाम आपने ब्रह्माजी से सुने हैं, उन्हें कृपया यहाँ कहिए।
 
Yudhishthira said, 'Ganga Nandan! Whatever names of the benevolent Lord Shiva, the God of the Universe, that you have heard from Brahmaji, please tell them here.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)