श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  13.149.43 
क्षीणायु: केन भवति कर्मणा भुवि मानव:।
विपाकं कर्मणां देव वक्तुमर्हस्यनिन्दित॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
हे अनिन्द्य महादेव! इस पृथ्वी पर कौन-सा कर्म करने से मनुष्य की आयु कम हो जाती है? कृपया मुझे कर्म-विपाक का वर्णन कीजिए। 43॥
 
Anindya Mahadev! By doing which action on this earth, a person's lifespan gets shortened? Please describe Karma-Vipaka to me. 43॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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