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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन
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श्लोक 39
श्लोक
13.149.39
न्यायोपेता गुणोपेता देवद्विजपरा: सदा।
समुत्थानमनुप्राप्तास्ते नरा: स्वर्गगामिन:॥ ३९॥
अनुवाद
जो लोग न्यायप्रिय, सदाचारी, देवताओं और द्विजों के भक्त हैं और जिन्होंने मोक्ष प्राप्त कर लिया है, वे स्वर्ग को जाते हैं ॥39॥
Those people who are just, virtuous, devotees of Gods and Dwijas and have attained upliftment, go to heaven. 39॥
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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