श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  13.149.37 
श्रद्धावन्तो दयावन्तश्चोक्षाश्चोक्षजनप्रिया:।
धर्माधर्मविदो नित्यं ते नरा: स्वर्गगामिन:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
जो लोग भक्त, दयालु, शुद्ध, शुद्ध लोगों से प्रेम करने वाले तथा धर्म और अधर्म को जानने वाले हैं, वे स्वर्ग जाते हैं।
 
Those who are devout, kind, pure, lovers of pure people and knower of Dharma and Adharma, they go to heaven.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd