vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन
»
श्लोक 19
श्लोक
13.149.19
श्रीमहेश्वर उवाच
आत्महेतो: परार्थे वा नर्महास्याश्रयात् तथा।
ये मृषा न वदन्तीह ते नरा: स्वर्गगामिन:॥ १९॥
अनुवाद
श्री महेश्वर बोले - जो मनुष्य हँसी-मजाक की सहायता से भी अपने या दूसरों के लिए कभी झूठ नहीं बोलते, वे स्वर्ग जाते हैं॥19॥
Sri Maheshwar said - Those people who, even with the help of laughter and jokes, never tell a lie for themselves or others, go to heaven.॥ 19॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd