उमोवाच
वाचा तु बद्ध्यते येन मुच्यतेऽप्यथवा पुन:।
तानि कर्माणि मे देव वद भूतपतेऽनघ॥ १८॥
अनुवाद
उमा ने पूछा - हे पापरहित भूतनाथ! महादेव! किस प्रकार की वाणी बोलने से अथवा उस वाणी द्वारा कौन-सा कर्म करने से मनुष्य बंधन में पड़ता है अथवा उस बंधन से मुक्त हो जाता है? उन वाचिक कर्मों का मुझसे वर्णन कीजिए।
Uman asked – Sinless Bhootnath! Mahadev! By speaking what kind of speech or by doing what action through that speech, a person falls into bondage or gets freed from that bondage? Describe those verbal actions to me.