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mahabharat 13.149.14-15h: जो अपने अच्छे आचरण से पराई स्त्रियों की ओर से सदैव अपनी दृष्टि बंद रखते हैं, वे इन्द्रियों को वश में रखने वाले और अच्छे चरित्र वाले पुरुष स्वर्ग जाते हैं ॥14 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 13.149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  13.149.14-15h 
परदारेषु ये नित्यं चरित्रावृतलोचना:॥ १४॥
जितेन्द्रिया: शीलपरास्ते नरा: स्वर्गगामिन:।
 
 
अनुवाद
जो अपने अच्छे आचरण से पराई स्त्रियों की ओर से सदैव अपनी दृष्टि बंद रखते हैं, वे इन्द्रियों को वश में रखने वाले और अच्छे चरित्र वाले पुरुष स्वर्ग जाते हैं ॥14 1/2॥
 
Those who by their good conduct always keep their eyes shut towards other women, those men who have controlled their senses and are of good character, go to heaven. ॥ 14 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)