Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.149.13-14h: जो पुरुष अपनी स्त्री में आसक्त रहते हैं और केवल मासिक धर्म के समय ही उसके साथ समागम करते हैं तथा देहाती सुखों में आसक्त नहीं होते, वे स्वर्ग को जाते हैं ॥131/2॥ | mahabharat अध्याय 13.149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वदारनिरता ये च ऋतुकालाभिगामिन:॥ १३॥
अग्राम्यसुखभोगाश्च ते नरा: स्वर्गगामिन:।
अनुवाद
जो पुरुष अपनी स्त्री में आसक्त रहते हैं और केवल मासिक धर्म के समय ही उसके साथ समागम करते हैं तथा देहाती सुखों में आसक्त नहीं होते, वे स्वर्ग को जाते हैं ॥131/2॥
Those who are attached to their own wives and have sexual intercourse with them only during their menstrual period and are not attached to rural pleasures, they go to heaven. ॥131/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥