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mahabharat 13.149.11-12h: जो लोग अन्य स्त्रियों को अपनी माता, बहन या बेटी के समान समझते हैं और उसी के अनुसार आचरण करते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  13.149.11-12h 
मातृवत् स्वसृवच्चैव नित्यं दुहितृवच्च ये॥ ११॥
परदारेषु वर्तन्ते ते नरा: स्वर्गगामिन:।
 
 
अनुवाद
जो लोग अन्य स्त्रियों को अपनी माता, बहन या बेटी के समान समझते हैं और उसी के अनुसार आचरण करते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं।
 
Those people who treat other women like their mother, sister or daughter and behave accordingly, go to heaven. 11 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)